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इस अंक में
संपादकीय॥
चिट्ठी पतरी॥
यात्राएं
कैलाश मानसरोवर-
राजेंद्र मोहन कोशिक॥
लौट कर आऊंगा तुम्हें यहां
खिलती हुए देखने को- अजेय॥
इब्नबतूता की यात्रायें॥
कोकसर से रोहतांग- डॉ. एन.
आर. गोपाल॥
सफर लेह-लद्दद्दाख का-
छाया राजे॥
चीन के दक्षिणी-पश्चिमी
प्रांतों की यात्रा- राकेश वत्स॥
चुराह-घाटी में मैहलवार के
दर तक- डी.एस.देवल॥
चुराह घाटी : एक
घुमक्कड़ की डायरी में- त्रिलोक मेहरा॥
पहाड़ के माथे पर मोतियों का
ताज़- ओम भारद्वाज॥
स्थानीय देवता करते हैं
स्वर्ग का प्रवास- अशोक जेरथ॥
नौ साल बाद सैंज- अजय
लाहुली॥
शिवालिक पर्वतमाला की गोद
में खूबसूरत सफर- उदय ठाकुर॥
मेरी काजा यात्रा-
भारती कुठियाला॥
हिमालय की यात्रयें॥
लोक संस्कृति-
लाहौल स्पिति के
जन-जातीय लोगों का विवाह के दौरान खान-पान- उरज्ञान छैरिंग मैलगपा॥
कहानी-
महक- साधू राम दर्शक॥
हास्य-व्यंग्य-
एल आर शर्मा॥
विचार मंथन -
सुरेश शांडिल्य॥
परिवर्तन की पदचाप-
के.एस.
कटलारिया॥
कविताएं-
मोहन साहिल ॥ शैलेय ॥ कमल जीत
चौधरी॥
पहाड़ी कलम-
महाकवि कालिदासा रे अमर काव्य मेघदूता रा अंश॥
कवतां-
राजीव त्रिगर्ती॥ हरीश ठाकुर॥
नारसिंह देवता- जयदेव विद्रोही॥
पहाड़ां दा बदलोंदा रूप- डॉ. कुशल कटोच॥
कला परिक्रमा-
संकल्प का डॉ
फाउस्टस- एस आर हरनोट और बद्री सिंह भाटिया॥ फिल्म देवकी- निर्मला
त्रिपाठी॥ वर्ष 2010 की साहित्यिक सरगर्मियां- प्रकाश बादल॥ आकंठ,
असिक्नी, विपाशा- अनूप सेठी॥ शिखर समारोह 2010- राजीव त्रिगर्ती॥ हिमाचल
भाषा कला अकादमी की वार्षिक रिपोर्ट- अनुसंधान अधिकारी॥
आस्वाद और परख-
मानसरोवर का
अंतिम यात्री (विमल डे)- तेज कुमार सेठी॥ जिजीविषा (खेमराज शर्मा)- उरसेम
लता॥ लोक नाट्य भगत (गौतम व्यथित)- कैलाश आीलूवालिया॥ मम्मी को छुट्टी है
(त्रिलोक मेहरा)- सुमित्रा अग्रवाल॥ ॥
गतिविधि॥
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