हिमाचल मित्र् का शरद  2009 अंक

   
  संपादकीय॥
  चिट्ठी पतरी॥
  आमुख कथा - हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे : तापोश चक्रवर्ती
  गुणिया राम - संध्या शेवड़े
  बातचीत - साउंड इंजीनियर कुलदीप सूद
  राजरंग - आर के शर्मा
  लोक संस्कृति - भिति चित्र : शम्मी शर्मा
हिमाचली लोकनाटय भगत :
रमेश मस्ताना
उंची हेक की कलाकार -निम्मो चौधरी :
अशोक जेरथ
सोलन की धाम :
खेमराज शर्मा
कांगड़ा सुहाग गीतों में नारी
विमर्श : चंद्ररेखा ढडवाल
  अनुगूंज - मनोज शर्मा
  साहित्य - मेरी प्रिय कहानी : रेखा का वक्‍तव्‍य
कहानी

कहानी पर टिप्पणी :
निरंजन देव
रेखा से बातचीत :
मधुकर भारती
  कविताएं -
कुमार कृष्ण॥
ओम भारद्वाज
ओम भारती
अशोक जेरथ और विवेक शर्मा॥
  विचार मंथन - कुशल कुमार
  पहाड़ी कलम -
लोक गीत
मोहित चौहान
गल सुणा :
अनूप सेठी
कवितां -

रमेशचंद्र शाह

गौतम व्यथित

अशोक दर्द

चाचू भतीजू :
गप्पी डरैबर
पहाड़ी भाषा में शब्द वर्तनी की समस्या :
मौलूराम ठाकुर
  पर्यावरण - दौड़ो दौड़ो बच्चो! पहाड़ पर आग लगी : डॉ उरसेम लता
  आइना - नीलकंठ पराशर
  करियर कैफे :  पढ़ाई कानून की : सुदर्शन वात्स्यायन
  भूगोल से आगे -
पांडुलिपियों को बचाना जरूरी :
रमेश चंद्रा
पांडुलिपियों का सर्वेक्षण :
बी आर जसवाल
अनुवाद के अनुवाद की कहानी :
डॉ नरेश
प्रेम कौन है और पवन कौन :
पवनेंद्र पवन
हबीब तनवीर से पहली और आखिरी मुलाकात :
अजय सकलानी
तैयब मेहता की याद॥
संजय भिसे
गेयटी थियेटर की नई पारी :
भारती कुठियाला
श्रीनिवास श्रीकांत
त्रिलोक मेहरा
दयाल प्रसाद और संवाद मित्र
  यात्रा - हिमाचल दर्शन : शैलेश सिंह
  आस्वाद और परख -
श्रीनिवास श्रीकांत की कविताएं :
नरेश चंद्रकर और जगन्नाथ पंडित
मोहन साहिल की कविताएं :
सुजाता
हरि मृदुल की कविताएं  :
सतीश पांडेय
लोक कथाएं और पारंपरिक परिधान :
श्रीहर्ष तैलंग
  गतिविधि॥ 
वैवाहिकी॥ 
परिवर्तन की पदचाप :
महिंदर कुमार

 

 

 

हिमाचल मित्र् का ग्रीष्‍म 2009 अंक

 

 

 

 

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